अगर दूसरे का रुपया अपने खाते में जमा कर रहे हैं तो पहले ये खबर पढ़ लें, सावधान

13

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भ्रष्टाचार, काले धन और जाली नोटों पर लगाम कसने के लिए 500 और 1000 के नोट बंद कर दिए थे। मोदी के इस फैसले ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। पांच सौ और एक हजार रुपये के पुराने नोट बंद होने के बाद प्रधानमंत्री जन धन योजना के बैंक खातों के माध्यम से काला धन खपाने वालों पर सरकार की पैनी नजर है। सरकार ने साफ कहा है कि इन खातों का दुरुपयोग कर काले धन को सफेद करने की कोशिश करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

500 और 1000 के नोट बंद होने की घोषणा के बाद कई तरह की खबरें आ रहींं हैं

जन धन योजना के तहत देशभर में 25.45 करोड़ बैंक खाते खुले हैं। इनमें से लगभग 23 प्रतिशत बैंक खातों में अब तक कोई लेन-देन नहीं हुआ है जबकि शेष खातों में 45,000 करोड़ रुपये से अधिक जमा राशि है। आठ नवंबर को 500 और 1000 के पुराने नोट बंद होने की घोषणा के बाद ऐसी खबरें आयीं है कि देश के अलग-अलग इलाकों में लोग इनका इस्तेमाल काले धन को खपाने के लिए कर रहे हैं। कुछ इलाकों से खबरें आयीं हैं कि जन धन के खातों में 49,000 रुपये तक जमा हुए हैं। असल में बिना पैन नंबर वाले बैंक खातों में अधिकतम 50,000 रुपये ही जमा हो सकते हैं, इसलिए लोगों ने इतनी रकम जमा की है।

आशंका है कि जन धन के खातों का इस्तेमाल 500 रुपये और हजार रुपये के पुराने नोट के रूप में रखे गए काले धन को खपा सकते हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि जो भी व्यक्ति गैर कानूनी गतिविधियों में संलिप्त होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। वित्त मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब सरकार बार-बार लोगों से यह आग्रह कर रही है कि वे किसी और की धनराशि को बदलने या अपने खाते में जमा करने के लिए बैंक में न जाएं। ऐसा होने पर कोई भी व्यक्ति फंस सकता है। अगर किसी खाते में अचानक से अधिक राशि जमा होती है तो वह जांच में आ सकती है। हालांकि सरकार ने आश्वस्त किया है कि ढाई लाख रुपये से कम राशि बैंक खाते में जमा होने पर आयकर विभाग जानकारी नहीं मांगेगा। आयकर विभाग सिर्फ ढाई लाख रुपये से अधिक राशि जमा होने पर ही बैंक से सूचना लेगा।

शेयर करें